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ग्वालियर में बनेगा Asia का पहला Telecom Zone — ₹5500 करोड़ निवेश, 18000 नौकरियां मिलेंगी

🚀 ऐतिहासिक विकास

🗓️ Published: 24 सितंबर 2026, 01:29 PM  |  ✍️ Author: SarkariYojanaMP Team

Gwalior Telecom Manufacturing Zone Project

🎯 विशेष रिपोर्ट: मध्य प्रदेश के औद्योगिक और तकनीकी इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। ऐतिहासिक शहर ग्वालियर अब केवल अपने किलों और महलों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर दूरसंचार उपकरणों (Telecom Equipment) के सबसे बड़े हब के रूप में जाना जाएगा। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने ग्वालियर के साडा (Shrimant Madhavrao Scindia Counter Magnet City - SADA) में एशिया के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (Asia's First Telecom Manufacturing Zone - TMZ) की प्रस्तावित साइट का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। इस मेगा प्रोजेक्ट से कुल ₹5,500 करोड़ का प्रत्यक्ष निजी निवेश आएगा और मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए 18,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) क्या है और यह ग्वालियर में ही क्यों?

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) और मध्य प्रदेश शासन के औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के बीच जुलाई 2026 में हुए ऐतिहासिक समझौते (MoU) के तहत इस प्रोजेक्ट की नींव रखी गई थी। यह कोई साधारण औद्योगिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण एकीकृत "प्लग एंड प्ले" (Plug-and-Play) इकोसिस्टम होगा।

ग्वालियर को इस महापरियोजना के लिए चुने जाने के पीछे कई सामरिक और भौगोलिक कारण हैं:

प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं और निवेश का खाका

सरकारी योजना एमपी (SarkariYojanaMP.com) के गहन अनुसंधान के अनुसार, इस टेलीकॉम जोन में देश और दुनिया की शीर्ष 24 से 25 कंपनियां अपने विनिर्माण कारखाने स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी हैं।

विशेषता (Feature) विवरण (Details)
परियोजना का नाम एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ Gwalior)
साइट का स्थान साडा (SADA) एवं ग्वालियर आईटी पार्क (IT Park)
प्रथम चरण का क्षेत्रफल लगभग 170 एकड़ (90+ एकड़ SADA में और 70+ एकड़ IT पार्क में)
कुल अनुमानित निजी निवेश ₹5,500 करोड़ (24 कंपनियों के आवेदन प्रक्रियाधीन)
रोजगार सृजन (Jobs) 18,000+ प्रत्यक्ष (Direct) एवं अप्रत्यक्ष पद
केंद्र सरकार की सहायता ₹493 करोड़ (प्रथम चरण इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रांट)
निरीक्षण एवं नेतृत्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं सीएम डॉ. मोहन यादव

रोड शो से मिली अपार सफलता: दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में उत्साह

इस मेगा प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार ने मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर बड़े इन्वेस्टर रोड शो आयोजित किए:

  1. दिल्ली रोड शो (अगस्त 2026): दिल्ली में प्रमुख दूरसंचार उपकरण निर्माताओं के साथ बैठक हुई जिसमें ₹3,500 करोड़ का निवेश और 14,000 नौकरियों की प्रतिबद्धता जताई गई।
  2. मुंबई रोड शो (अगस्त 2026): वित्तीय राजधानी मुंबई में वित्तीय संस्थानों और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स के साथ चर्चा हुई, जिसमें ₹2,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश और 4,000 रोजगार प्रस्तावित हुए।
  3. बेंगलुरु राउंडटेबल (22 सितंबर 2026): टेक हब बेंगलुरु में सीएम डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्लोबल चिप, 5G/6G गियर और ऑप्टिकल फाइबर निर्माताओं से संवाद किया, जिसमें विदेशी कंपनियों ने भी ग्वालियर प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई।

MP के युवाओं और इंजीनियरों को क्या-क्या रोजगार मिलेगा?

ग्वालियर चंबल संभाग तथा पूरे मध्य प्रदेश के शिक्षित युवाओं, डिप्लोमा धारकों और आईटीआई पास छात्रों के लिए यह प्रोजेक्ट गेम-चेंजर साबित होगा। SarkariYojanaMP.com के विश्लेषण के अनुसार निम्नलिखित क्षेत्रों में व्यापक अवसर सृजित होंगे:

🔧 तकनीकी एवं इंजीनियरिंग पद

इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस और टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर्स (B.Tech/BE), 5G/6G नेटवर्क टेस्टिंग, सर्किट डिजाइनिंग, क्वालिटी कंट्रोल तथा हार्डवेयर टेस्टिंग स्पेशलिस्ट।

⚙️ ITI व डिप्लोमा होल्डर्स

असेंबली लाइन ऑपरेटर, पीसीबी (PCB) सोल्डरिंग तकनीशियन, वायरमैन, ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) स्पलाइसर, सीएनसी मशीन ऑपरेटर और मेंटेनेंस स्टाफ।

📦 सप्लाई चेन एवं लॉजिस्टिक्स

वेयरहाउस मैनेजर, पैकेजिंग एक्सपर्ट, इनवेंटरी कंट्रोलर, ट्रांसपोर्ट कॉर्डिनेटर और मटेरियल हैंडलिंग सुपरवाइजर।

🏢 प्रशासनिक एवं सपोर्ट सेवाएं

एचआर (HR), अकाउंट्स, सुरक्षा गार्ड, कैंटीन संचालन, हाउसकीपिंग और लोकल सर्विस वेंडर्स के रूप में हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार।

यहाँ कौन-से उपकरण बनेंगे? ‘आत्मनिर्भर भारत’ को नई उड़ान

ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में जिन प्रमुख उपकरणों का निर्माण किया जाएगा, वे भारत की आयात पर निर्भरता (Import Dependency) को भारी मात्रा में घटाएंगे:

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) — ग्वालियर टेलीकॉम जोन

प्रश्न 1: ग्वालियर टेलीकॉम जोन का निर्माण कब तक पूरा होगा?

उत्तर: प्रथम चरण के आधारभूत ढांचे के निर्माण का कार्य तेजी से शुरू हो चुका है। सरकार का लक्ष्य 2027 के मध्य तक पहली विनिर्माण इकाइयों को उत्पादन के लिए तैयार करने का है।

प्रश्न 2: क्या मध्य प्रदेश के स्थानीय युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता मिलेगी?

उत्तर: जी हाँ, मध्य प्रदेश औद्योगिक संवर्धन नीति के अनुसार राज्य के स्थानीय निवासियों को नौकरियों में विशेष प्राथमिकता और कौशल संवर्धन का लाभ दिया जाएगा।

प्रश्न 3: कंपनियाँ इसमें आवेदन कैसे कर सकती हैं?

उत्तर: इकाइयां दूरसंचार विभाग के आधिकारिक पोर्टल dot.gov.in तथा MP इन्वेस्ट पोर्टल invest.mp.gov.in के जरिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम से आवेदन कर सकती हैं।

प्रश्न 4: क्या इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण हो चुका है?

उत्तर: जी हाँ, प्रथम चरण के लिए 170 एकड़ भूमि (साडा एवं आईटी पार्क) पहले से ही चिन्हित और आवंटित कर दी गई है। उच्च मांग को देखते हुए अतिरिक्त भूमि का चिन्हांकन भी जारी है।

ग्वालियर में एशिया के पहले टेलीकॉम जोन की स्थापना मध्य प्रदेश को भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर राजधानी बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। राज्य की सभी सरकारी योजनाओं, रोजगार सूचनाओं और करियर अपडेट्स के लिए SarkariYojanaMP.com से जुड़े रहें।

सरकारी एवं औद्योगिक पोर्टल आधिकारिक लिंक

दूरसंचार विभाग एवं मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल्स पर जाने के लिए नीचे दिए गए बटन का उपयोग करें।

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