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लाड़ली बहना योजना बंद होगी? MP High Court ने सरकार को भेजा नोटिस, 4 हफ्ते में मांगा जवाब

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🗓️ Published: 24 सितंबर 2026, 01:19 PM  |  ✍️ Author: SarkariYojanaMP Team

MP High Court Notice on Ladli Behna Yojana

⚡ सबसे बड़ी ताज़ा ख़बर: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (MP High Court) की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य की सबसे चर्चित और महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (Mukhyamantri Ladli Behna Yojana) के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव (Chief Secretary), महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) और वित्त विभाग (Finance Department) के प्रमुख सचिवों से 4 हफ़्ते के भीतर विस्तृत जवाब पेश करने को कहा है। सोशल मीडिया और WhatsApp पर यह अफ़वाह तेज़ी से फैल रही है कि क्या लाड़ली बहना योजना बंद हो जाएगी? सरकारी योजना एमपी (SarkariYojanaMP.com) की इस विस्तृत पड़ताल में जानिए कि कोर्ट ने असल में क्या कहा है और प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाभार्थी बहनों पर इसका क्या असर पड़ेगा।

MP High Court की ग्वालियर बेंच में क्या हुआ? पूरा मामला समझें

मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना को लेकर कानूनी गलियारों में उस समय हलचल मच गई जब जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया (Justice G.S. Ahluwalia) और जस्टिस अनुराधा शुक्ला (Justice Anuradha Shukla) की युगलपीठ (Division Bench) ने एक जनहित याचिका की प्रारंभिक सुनवाई की।

यह याचिका ग्वालियर निवासी और पूर्व पार्षद सुधा दुबे (Sudha Dubey) द्वारा अपने अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा (Advocate Anil Kumar Mishra) के माध्यम से दायर की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा हर महीने करोड़ों महिलाओं के खातों में बिना किसी ठोस आर्थिक मूल्यांकन या उत्पादन-आधारित मॉडल के सीधे नकदी (Direct Cash Transfer) ट्रांसफर की जा रही है, जिससे राज्य के खजाने पर भारी वित्तीय संकट खड़ा हो रहा है।

हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने याचिका में उठाए गए बिंदुओं को सुनने के बाद राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए 4 सप्ताह का समय दिया है ताकि सरकार योजना के वित्तीय प्रावधानों, खर्च के आंकड़ों और इसके औचित्य पर अपना आधिकारिक पक्ष और हलफनामा प्रस्तुत कर सके।

याचिका में उठाए गए प्रमुख बिंदु: ₹50,000–60,000 करोड़ का खर्च

याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अनिल कुमार मिश्रा ने अदालत के सामने कई चौंकाने वाले आंकड़े और तर्क पेश किए हैं। याचिका में कहा गया है कि:

मुख्य पहलू हाई कोर्ट याचिका और सरकारी आंकड़े
सुनवाई करने वाली बेंच जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया एवं जस्टिस अनुराधा शुक्ला (MP High Court Gwalior Bench)
याचिकाकर्ता व वकील सुधा दुबे (पूर्व पार्षद) द्वारा अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा
कुल लाभार्थी बहनें लगभग 1.29 करोड़ पंजीकृत महिलाएं (वर्तमान में करीब 1.25 करोड़ सक्रिय पात्र)
वर्तमान मासिक किस्त ₹1,500 प्रति माह (अगस्त में रक्षाबंधन शगुन सहित ₹1750 दिए गए थे)
हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश कोई रोक (STAY) नहीं लगाया गया। केवल 4 सप्ताह में जवाब मांगा है।

सरकार का रुख: "योजना किसी भी कीमत पर बंद नहीं होगी"

हाई कोर्ट के नोटिस जारी होने के तुरंत बाद मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) और मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बयान सामने आया है।

मंत्री विश्वास सारंग ने कड़े शब्दों में कहा: "लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश की करोड़ों माताओं और बहनों के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की रीढ़ है। यह योजना अनवरत जारी रहेगी। कांग्रेस और विपक्ष की मानसिकता हमेशा से महिला-विरोधी रही है, इसलिए वे इस जन-कल्याणकारी योजना को रोकने के षड्यंत्र रच रहे हैं। हम कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे और बताएंगे कि इस योजना से ग्रामीण व शहरी अर्थव्यवस्था को कितनी गति मिली है।"

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि लाड़ली बहना योजना बंद नहीं होगी, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह तक ले जाने का संकल्प सरकार का है।

⚠️ क्या लाड़ली बहना की अगली किस्त रुकेगी? सच्चाई जानिए

सरकारी योजना एमपी (SarkariYojanaMP.com) अपने सभी पाठकों को पूरी जिम्मेदारी के साथ सूचित करता है कि हाई कोर्ट ने योजना पर कोई भी रोक (Stay Order) नहीं लगाई है। कोर्ट का नोटिस एक सामान्य न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें जनहित याचिका पर सरकार से नीतिगत जानकारी मांगी जाती है। सरकार द्वारा सितंबर 2026 की 40वीं किस्त ₹1,835 करोड़ पहले ही जारी की जा चुकी है और आने वाले अक्टूबर (दीपावली) की किस्त भी नियत समय पर बहनों के खातों में डीबीटी (DBT) के जरिए जमा की जाएगी।

1.25 करोड़ बहनों के लिए आगे क्या होगा?

इस अदालती प्रक्रिया से आम लाभार्थी महिलाओं को घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नीतिगत कल्याणकारी योजनाओं (Welfare Schemes) को अदालतें आमतौर पर सीधे रद्द नहीं करती हैं, जब तक कि उनमें कोई गंभीर असंवैधानिक उल्लंघन न हो। सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट्स के पिछले फैसलों से यह स्पष्ट है कि लोक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) में कमजोर वर्गों के लिए नकद अंतरण योजनाएं वैध हैं।

हालांकि, इस याचिका के जवाब में सरकार से यह पूछा जा सकता है कि:

  1. क्या लाभार्थियों की पात्रता की नियमित समीक्षा (Filtering of Ineligible Beneficiaries) हो रही है?
  2. क्या टैक्सपेयर परिवारों या संपन्न परिवारों की छंटनी की जा रही है?
  3. योजना को लंबे समय तक वित्तीय रूप से सक्षम (Financially Sustainable) कैसे बनाया जाएगा?

सरकार द्वारा पहले ही e-KYC और समग्र आधार सीडिंग के जरिए अपात्र महिलाओं को योजना से बाहर किया जा रहा है ताकि केवल जरूरतमंद महिलाओं तक ही सरकारी पैसा पहुंचे।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) — हाई कोर्ट नोटिस और योजना

प्रश्न 1: क्या हाई कोर्ट ने लाड़ली बहना योजना बंद करने का आदेश दिया है?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच ने योजना पर किसी प्रकार की रोक (Stay) नहीं लगाई है। कोर्ट ने सिर्फ सरकार से 4 हफ़्ते में जवाब मांगा है। योजना सुचारू रूप से जारी है।

प्रश्न 2: क्या अक्टूबर 2026 की किस्त समय पर आएगी?

उत्तर: जी हाँ, अक्टूबर महीने की किस्त सामान्य रूप से 10 से 15 तारीख के बीच बहनों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए ट्रांसफर होगी। दीपावली से पहले अतिरिक्त उपहार मिलने की भी संभावना है।

प्रश्न 3: याचिकाकर्ता ने कोर्ट में क्या आपत्ति दर्ज कराई है?

उत्तर: याचिकाकर्ता का कहना है कि सरकार अब तक ₹50,000-60,000 करोड़ खर्च कर चुकी है और इस साल ₹23,882 करोड़ का बजट है। उनका तर्क है कि नकद पैसे बांटने की जगह महिलाओं को स्थायी रोजगार और कौशल प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

प्रश्न 4: लाड़ली बहना का आधिकारिक स्टेटस कहां से चेक करें?

उत्तर: आप लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर अपनी समग्र आईडी या आवेदन संख्या डालकर भुगतान स्थिति चेक कर सकते हैं।

निष्कर्षतः, SarkariYojanaMP.com आपको आश्वस्त करता है कि लाड़ली बहना योजना को लेकर किसी भी भ्रामक संदेश या फेक न्यूज़ के बहकावे में न आएं। सरकार पूरी तरह से योजना के पक्ष में है और कोर्ट के समक्ष अपना मजबूत पक्ष प्रस्तुत करेगी।

लाड़ली बहना पोर्टल एवं हाई कोर्ट आधिकारिक विवरण

अपनी भुगतान स्थिति जांचने या आधिकारिक आदेशों की प्रति के लिए सरकारी पोर्टल पर जाएं।

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SarkariYojanaMP.com संपादकीय टीम

मध्य प्रदेश सरकार की योजनाओं, अदालती आदेशों और प्रशासनिक निर्णयों की त्वरित, सटीक और प्रमाणित जानकारी सबसे पहले हमारे पाठकों तक पहुँचाने के लिए समर्पित।

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